अटल बिहारी वाजपेयीः सद्भाव की राजनीति के महानायक

बाधाएँ आती हैं आएं, घिरें प्रलय की घोर घटाएं, पावों के नीचे अंगारे, सिर पर बरसे यदि ज्वालाएं,  निज हाथों में हँसते-हँसते, आग लगाकर जलना होगा, कदम मिलाकर चलना होगा। नई दिल्ली  |जीवन की तमाम बाधाओं को पार करते हुए, ’सबका साथ सबका विकास’ के नारे को सही मायने में चरितार्थ करने वाले सद्भावना की […]